Home Latest Jobs Admit Card Result Gk Quze Math Practice Reasoning Quze English Practice

प्राचीन भारत का इतिहास: प्रश्न 301 से 350

प्रश्न 301: ‘वाकाटक वंश’ का संस्थापक कौन था?
उत्तर: विन्ध्यशक्ति
समझें: विन्ध्यशक्ति ने तीसरी शताब्दी के मध्य में इस शक्तिशाली वंश की नींव रखी थी।

प्रश्न 302: किस वाकाटक शासक ने चार ‘अश्वमेध यज्ञ’ किए थे?
उत्तर: प्रवरसेन प्रथम
समझें: वह इस वंश का एकमात्र शासक था जिसने ‘सम्राट’ की उपाधि धारण की थी।

प्रश्न 303: ‘सेतुबंध’ नामक काव्य ग्रंथ की रचना किसने की थी?
उत्तर: प्रवरसेन द्वितीय
समझें: यह ग्रंथ प्राकृत भाषा में है और भगवान राम की लंका विजय पर आधारित है।

प्रश्न 304: चोल काल में ‘वेल्लनवगाई’ किसे कहा जाता था?
उत्तर: गैर-ब्राह्मण किसान स्वामी की भूमि
समझें: चोल शासन में भूमि का वर्गीकरण बहुत व्यवस्थित था।

प्रश्न 305: ‘काम्रूप’ किस आधुनिक राज्य का प्राचीन नाम है?
उत्तर: असम
समझें: यहाँ वर्मन वंश का शासन था और भास्करवर्मन यहाँ का प्रसिद्ध राजा था।

प्रश्न 306: ‘कादम्बरी’ का उत्तरार्द्ध भाग किसने पूर्ण किया था?
उत्तर: भूषण भट्ट
समझें: बाणभट्ट की मृत्यु के बाद उनके पुत्र भूषण भट्ट ने इसे पूरा किया।

प्रश्न 307: गुप्तोत्तर काल में ‘हट्ट’ शब्द का क्या अर्थ था?
उत्तर: ग्रामीण बाज़ार
समझें: गाँवों में व्यापार के लिए लगने वाले बाज़ारों को हट्ट कहा जाता था।

प्रश्न 308: ‘रत्नावली’ नाटक का लेखक कौन था?
उत्तर: सम्राट हर्षवर्धन
समझें: हर्ष ने नागानन्द, रत्नावली और प्रियदर्शिका नामक तीन नाटक लिखे।

प्रश्न 309: पुलकेशिन द्वितीय का दरबारी कवि कौन था?
उत्तर: रविकीर्ति
समझें: रविकीर्ति ने ऐहोल अभिलेख में पुलकेशिन की विजयों का वर्णन किया है।

प्रश्न 310: ‘किरातार्जुनीयम्’ महाकाव्य के रचयिता कौन हैं?
उत्तर: भारवि
समझें: भारवि पल्लव राजा सिंहविष्णु के दरबारी कवि थे।

प्रश्न 311: ‘वराहमिहिर’ किस क्षेत्र से संबंधित थे?
उत्तर: खगोल विज्ञान
समझें: उन्होंने ‘बृहतसंहिता’ में नक्षत्र विद्या का वर्णन किया है।

प्रश्न 312: ‘शिशुपालवध’ के लेखक कौन थे?
उत्तर: महाकवि माघ
समझें: यह महाकाव्य संस्कृत साहित्य की उत्कृष्ट रचना है।

प्रश्न 313: प्रतिहार शासक ‘नागभट्ट द्वितीय’ ने कहाँ जल समाधि ली?
उत्तर: गंगा नदी में
समझें: उन्होंने 833 ई. में स्वेच्छा से शरीर त्यागा था।

प्रश्न 314: चोल काल में ‘मणिग्रामम’ क्या था?
उत्तर: व्यापारियों का संघ
समझें: यह संघ विदेशी व्यापार को नियंत्रित करता था।

प्रश्न 315: ‘विक्रमपुर’ किस साम्राज्य की राजधानी थी?
उत्तर: सेन साम्राज्य
समझें: सेन वंश ने बंगाल में हिंदू धर्म को पुनर्जीवित किया।

प्रश्न 316: पुलकेशिन द्वितीय को किसने हराया था?
उत्तर: नरसिंहवर्मन प्रथम
समझें: इस युद्ध के बाद पल्लवों ने वातापी पर कब्जा कर लिया था।

प्रश्न 317: ‘दशकुमारचरितम्’ के लेखक कौन हैं?
उत्तर: दण्डी
समझें: दण्डी पल्लव राजदरबार के प्रसिद्ध साहित्यकार थे।

प्रश्न 318: ‘कनौज’ का प्राचीन नाम क्या था?
उत्तर: कान्यकुब्ज
समझें: हर्ष के काल में यह उत्तर भारत का सबसे बड़ा केंद्र था।

प्रश्न 319: हर्ष को ‘सकलोत्तरपथनाथ’ कहाँ कहा गया है?
उत्तर: चालुक्य अभिलेखों में
समझें: यह उनकी विशाल सत्ता का प्रमाण था।

प्रश्न 320: प्राचीन काल में ‘रूप्यक’ क्या था?
उत्तर: चांदी की मुद्रा
समझें: गुप्त काल में चांदी के सिक्कों को रूप्यक कहा जाता था।

प्रश्न 321: गुप्तोत्तर काल में कौन सा नया वर्ग उभरा?
उत्तर: कायस्थ
समझें: ये प्रशासनिक और लेखा कार्य करते थे।

प्रश्न 322: ‘शंकराचार्य’ का जन्म कहाँ हुआ था?
उत्तर: केरल में
समझें: उन्होंने अद्वैतवाद का सिद्धांत दिया था।

प्रश्न 323: ‘बादामी’ के चालुक्यों का पतन किसने किया?
उत्तर: राष्ट्रकूटों ने
समझें: दंतिदुर्ग ने इसकी नींव रखी थी।

प्रश्न 324: ‘मिहिर भोज’ के समय कौन अरब यात्री आया?
उत्तर: सुलेमान
समझें: उसने भोज के राज्य को ‘जुरज़’ कहा था।

प्रश्न 325: चोल काल में ‘ब्रह्मदेय’ क्या था?
उत्तर: ब्राह्मणों को दान दी भूमि
समझें: यह भूमि पूरी तरह कर-मुक्त होती थी।

प्रश्न 326: ‘गरुड़ स्तंभ’ कहाँ स्थित है?
उत्तर: विदिशा (बेसनगर) में
समझें: इसे हेलियोडोरस ने बनवाया था।

प्रश्न 327: कोणार्क सूर्य मंदिर का आकार क्या है?
उत्तर: विशाल रथ के समान
समझें: इसमें 24 पहिए और 7 घोड़े दर्शाए गए हैं।

प्रश्न 328: पाल वंश का संस्थापक कौन था?
उत्तर: गोपाल
समझें: उसे जनता ने अराजकता खत्म करने के लिए चुना था।

प्रश्न 329: ‘त्रिपक्षीय संघर्ष’ किसके लिए हुआ?
उत्तर: कन्नौज पर अधिकार के लिए
समझें: पाल, प्रतिहार और राष्ट्रकूट इसमें शामिल थे।

प्रश्न 330: ‘नागानन्द’ नाटक का रचयिता कौन था?
उत्तर: हर्षवर्धन
समझें: यह नाटक जीमूतवाहन की कथा पर आधारित है।

प्रश्न 331: चोल काल में ‘नाडु’ क्या था?
उत्तर: जिला
समझें: कई गाँवों को मिलाकर एक नाडु बनता था।

प्रश्न 332: ‘मदुरैकोण्ड’ की उपाधि किसने ली?
उत्तर: परांतक प्रथम
समझें: पांड्यों को हराकर उन्होंने यह पदवी ली थी।

प्रश्न 333: ‘गंगैकोण्डचोलपुरम’ किसने बसाया?
उत्तर: राजेंद्र चोल प्रथम
समझें: गंगा अभियान की विजय के उपलक्ष्य में इसे बसाया गया।

प्रश्न 334: ‘हम्मीर मर्दन’ के लेखक कौन हैं?
उत्तर: जयसिंह सूरी
समझें: इसमें तुर्कों के विरुद्ध प्रतिरोध का वर्णन है।

प्रश्न 335: प्रतिहारों की राजकीय भाषा क्या थी?
उत्तर: संस्कृत
समझें: राजशेखर जैसे महान विद्वान इनके दरबार में थे।

प्रश्न 336: ‘शैव सिद्धांत’ के प्रवर्तक कौन थे?
उत्तर: लकुलीश
समझें: इन्हें भगवान शिव का अवतार माना जाता है।

प्रश्न 337: ‘अमरावती शैली’ कहाँ विकसित हुई?
उत्तर: आंध्र प्रदेश में
समझें: सातवाहनों ने इस शैली को संरक्षण दिया था।

प्रश्न 338: ‘कपालिक’ संप्रदाय के इष्टदेव कौन थे?
उत्तर: भैरव
समझें: यह शैव धर्म का एक तांत्रिक संप्रदाय था।

प्रश्न 339: चोल काल में ‘कलंजु’ का वजन क्या था?
उत्तर: लगभग 20 ग्रेन
समझें: यह चोलों की मानक स्वर्ण मुद्रा थी।

प्रश्न 340: ‘अद्वैत’ का अर्थ क्या है?
उत्तर: जो दो न हो
समझें: आत्मा और परमात्मा एक ही हैं, यही अद्वैत है।

प्रश्न 341: ‘मिताक्षरा’ किस विषय का ग्रंथ है?
उत्तर: हिंदू कानून (Law)
समझें: यह उत्तराधिकार नियमों पर आधारित है।

प्रश्न 342: ‘मत्तविलास प्रहसन’ किसने लिखा?
उत्तर: महेंद्रवर्मन प्रथम
समझें: यह एक व्यंग्यात्मक नाटक है।

प्रश्न 343: ‘विक्रमशिला’ को किसने जलाया?
उत्तर: बख्तियार खिलजी
समझें: 1203 ई. के आसपास इसे नष्ट किया गया।

प्रश्न 344: ‘मुद्राराक्षस’ का विषय क्या है?
उत्तर: चंद्रगुप्त की सत्ता प्राप्ति
समझें: इसमें चाणक्य की रणनीतियों का वर्णन है।

प्रश्न 345: ‘चरक संहिता’ कितने भागों में है?
उत्तर: 8 स्थान (अष्ट स्थान)
समझें: यह आयुर्वेद का सबसे महान ग्रंथ है।

प्रश्न 346: कनिष्क का दरबारी दार्शनिक कौन था?
उत्तर: अश्वघोष
समझें: उन्होंने ‘बुद्धचरित’ की रचना की थी।

प्रश्न 347: ‘हाथीगुम्फा’ में किसका जिक्र है?
उत्तर: खारवेल की विजयों का
समझें: वह कलिंग का महान जैन राजा था।

प्रश्न 348: ‘अमरावती’ स्तूप किसने बनवाया?
उत्तर: सातवाहनों ने
समझें: यह बौद्ध स्थापत्य का अद्भुत नमूना है।

प्रश्न 349: ‘कासु’ किस धातु का सिक्का था?
उत्तर: सोने का
समझें: चोल काल में इसका अत्यधिक प्रचलन था।

प्रश्न 350: ‘अग्रहार’ का प्रमुख कौन होता था?
उत्तर: ब्राह्मणों की परिषद
समझें: वे ही गाँव का सारा फैसला लेते थे।

प्राचीन भारत का इतिहास: प्रश्न 351 से 400

प्रश्न 351: ‘भास्कराचार्य’ की मुख्य कृति कौन सी है?
उत्तर: सिद्धांत शिरोमणि
समझें: इसके चार भाग – लीलावती, बीजगणित, गणिताध्याय और गोलाध्याय हैं।

प्रश्न 352: ‘प्रभावती गुप्ता’ का विवाह किससे हुआ था?
उत्तर: रुद्रसेन द्वितीय से
समझें: वह वाकाटक वंश का शासक था।

प्रश्न 353: ‘कुमारसंभवम्’ के लेखक कौन हैं?
उत्तर: कालिदास
समझें: इसमें कार्तिकेय के जन्म का वर्णन है।

प्रश्न 354: अंतिम चालुक्य राजा कौन था?
उत्तर: कीर्तिवर्मन द्वितीय
समझें: उनकी हार से चालुक्य साम्राज्य का अंत हुआ।

प्रश्न 355: चोल काल में ‘कर’ कैसे चुकाया जाता था?
उत्तर: उपज और सिक्के दोनों में
समझें: यह किसानों की स्थिति पर निर्भर था।

प्रश्न 356: ‘शकारि’ किसकी उपाधि थी?
उत्तर: चन्द्रगुप्त द्वितीय
समझें: उन्होंने शकों का पूरी तरह अंत किया था।

प्रश्न 357: पल्लवों के समय ‘घटिका’ क्या थी?
उत्तर: उच्च शिक्षा केंद्र
समझें: यहाँ विद्वान धार्मिक और शास्त्र ज्ञान लेते थे।

प्रश्न 358: ‘ब्रह्मगुप्त’ ने किसकी खोज की?
उत्तर: गुरुत्वाकर्षण के नियम
समझें: उन्होंने न्यूटन से पहले ही पृथ्वी की शक्ति बताई थी।

प्रश्न 359: हर्ष का महामंत्री कौन था?
उत्तर: भण्डि
समझें: वह हर्ष का सबसे विश्वसनीय सलाहकार था।

प्रश्न 360: ‘बृहत्कथामंजरी’ के लेखक कौन हैं?
उत्तर: क्षेमेन्द्र
समझें: यह प्राचीन कहानियों का महान संग्रह है।

प्रश्न 361: ‘दान सागर’ किसने लिखा?
उत्तर: बल्लाल सेन
समझें: वह सेन वंश का विद्वान राजा था।

प्रश्न 362: ‘तक्कोलम का युद्ध’ कब हुआ?
उत्तर: 949 ई. में
समझें: इसमें राष्ट्रकूटों ने चोलों को हराया था।

प्रश्न 363: नवसारी में अरबों को किसने हराया?
उत्तर: विक्रमादित्य द्वितीय
समझें: यह चालुक्य वंश की बड़ी सफलता थी।

प्रश्न 364: ‘श्रीहर्ष’ किसके दरबारी थे?
उत्तर: जयचंद्र
समझें: उन्होंने नैषधीयचरित काव्य लिखा।

प्रश्न 365: एलोरा को विश्व धरोहर कब घोषित किया गया?
उत्तर: 1983 ई. में
समझें: यूनेस्को द्वारा इसे मान्यता दी गई।

प्रश्न 366: धान की खेती के साक्ष्य कहाँ मिले हैं?
उत्तर: लोथल और रंगपुर
समझें: यह सिंधु सभ्यता के स्थलों से मिला है।

प्रश्न 367: वेदों को क्या कहा जाता है?
उत्तर: अपौरुषेय
समझें: क्योंकि वे ईश्वर की वाणी माने जाते हैं।

प्रश्न 368: ‘पुरुष सूक्त’ किस मंडल में है?
उत्तर: 10वें मंडल में
समझें: इसमें वर्ण व्यवस्था का उल्लेख है।

प्रश्न 369: पाटलिपुत्र को ‘पटना’ किसने कहा?
उत्तर: शेरशाह सूरी
समझें: 1541 ई. में इसका आधुनिक नामकरण हुआ।

प्रश्न 370: ‘अभिलेखों का पिता’ कौन है?
उत्तर: सम्राट अशोक
समझें: भारत में शिलालेखों की शुरुआत उन्होंने ही की।

प्रश्न 371: ‘सांख्य दर्शन’ का लेखक कौन है?
उत्तर: महर्षि कपिल
समझें: यह प्राचीनतम दर्शनों में से एक है।

प्रश्न 372: चौथी बौद्ध संगीति की भाषा क्या थी?
उत्तर: संस्कृत
समझें: इसके बाद बौद्ध धर्म दो भागों में बंट गया।

प्रश्न 373: ‘निष्काम कर्म’ कहाँ वर्णित है?
उत्तर: गीता में
समझें: बिना फल की चिंता किए कर्म करने का उपदेश।

प्रश्न 374: मौर्यों के सिक्के क्या कहलाते थे?
उत्तर: पण
समझें: यह एक मानक चांदी का सिक्का था।

प्रश्न 375: पल्लव ‘मण्डप’ क्या थे?
उत्तर: गुफा मंदिर
समझें: इन्हें चट्टानों को काटकर बनाया गया था।

प्रश्न 376: पाल राजाओं ने किस पर ध्यान दिया?
उत्तर: बौद्ध विश्वविद्यालयों पर
समझें: वे बौद्ध धर्म के महान संरक्षक थे।

प्रश्न 377: ‘मदुरै’ किस वंश की राजधानी थी?
उत्तर: पांड्यों की
समझें: बाद में चोलों ने इस पर अधिकार कर लिया।

प्रश्न 378: ‘रुद्रदामन’ का अभिलेख कहाँ है?
उत्तर: जूनागढ़ में
समझें: इसमें सुदर्शन झील का इतिहास है।

प्रश्न 379: हर्ष ने चीन दूत कब भेजा?
उत्तर: 641 ई. में
समझें: कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए।

प्रश्न 380: ‘मालतीमाधव’ किसकी रचना है?
उत्तर: भवभूति
समझें: यह प्रसिद्ध संस्कृत नाटक है।

प्रश्न 381: ‘पवनदूत’ का लेखक कौन है?
उत्तर: धोयी
समझें: वह लक्ष्मण सेन के दरबार के कवि थे।

प्रश्न 382: चोलों की ‘गजरथ सेना’ क्या थी?
उत्तर: कुंजिरमल्लर
समझें: हाथियों की विशेष शक्तिशाली सेना।

प्रश्न 383: ‘वेसर शैली’ क्या है?
उत्तर: मिश्रित मंदिर शैली
समझें: नागर और द्रविड़ शैलियों का मेल।

प्रश्न 384: बादामी की गुफा 3 किसे समर्पित है?
उत्तर: भगवान विष्णु को
समझें: इसमें विष्णु के विभिन्न रूपों की मूर्तियाँ हैं।

प्रश्न 385: चोल मंदिर का वास्तुकार कौन था?
उत्तर: कुंजर मल्लन
समझें: उन्होंने तंजौर का बृहदेश्वर मंदिर बनाया।

प्रश्न 386: ‘अकालवर्ष’ कौन था?
उत्तर: कृष्ण द्वितीय
समझें: यह राष्ट्रकूट राजा की उपाधि थी।

प्रश्न 387: पल्लवों का ‘राजकीय आदेश’ क्या था?
उत्तर: विदेल्विदुगु
समझें: राजकीय मुद्राओं और आदेशों पर इसका प्रयोग होता था।

प्रश्न 388: ‘गण’ का अर्थ क्या है?
उत्तर: गणतंत्रात्मक राज्य
समझें: प्राचीन भारत में कई स्वतंत्र गणराज्य थे।

प्रश्न 389: वराह सिक्के किसने चलाए?
उत्तर: मिहिर भोज ने
समझें: उन पर वराह अवतार का चित्र बना था।

प्रश्न 390: ‘शाक्य श्रीभद्र’ कौन थे?
उत्तर: विक्रमशिला के आचार्य
समझें: वे इसके अंतिम कुलपति थे।

प्रश्न 391: ‘सिद्धूका’ किस वंश का था?
उत्तर: सातवाहन वंश
समझें: इसे सिमुक भी कहा जाता है।

प्रश्न 392: ‘शून्य का गणित’ किसने दिया?
उत्तर: ब्रह्मगुप्त ने
समझें: उन्होंने शून्य के साथ गणना के नियम बनाए।

प्रश्न 393: ‘उद्रंग’ क्या था?
उत्तर: भूमि कर
समझें: यह किसानों से लिया जाने वाला नियमित कर था।

प्रश्न 394: सर्वश्रेष्ठ ‘नौसेना’ किसकी थी?
उत्तर: चोलों की
समझें: चोलों ने समुद्र पर अपनी धाक जमाई थी।

प्रश्न 395: ‘धर्मगंज’ कहाँ था?
उत्तर: नालंदा पुस्तकालय में
समझें: यह दुनिया के विशालतम पुस्तकालयों में से एक था।

प्रश्न 396: ‘महासांधिविग्रहिक’ कौन था?
उत्तर: विदेश मंत्री
समझें: युद्ध और शांति के मामलों का अधिकारी।

प्रश्न 397: ‘अलवार’ कौन थे?
उत्तर: विष्णु भक्त संत
समझें: दक्षिण भारत में भक्ति आंदोलन के प्रवर्तक।

प्रश्न 398: ‘पृथ्वीराज रासो’ का लेखक कौन है?
उत्तर: चंदबरदाई
समझें: इसमें राजपूतों की उत्पत्ति का वर्णन है।

प्रश्न 399: ‘इरावत’ क्या है?
उत्तर: राजकीय हाथी
समझें: चोल सेना के हाथियों के लिए प्रयोग होता था।

प्रश्न 400: ‘उत्तरापथ स्वामिन’ कौन था?
उत्तर: धर्मपाल
समझें: उन्होंने कन्नौज जीतकर यह उपाधि ली थी।