प्राचीन भारत का इतिहास: प्रश्न 401 से 450
प्रश्न 401: ‘कण्व वंश’ का संस्थापक कौन था?
उत्तर: वसुदेव
समझें: उन्होंने शुंग वंश के अंतिम शासक देवभूति की हत्या कर सत्ता प्राप्त की थी।
प्रश्न 402: ‘मिलिंदपन्हो’ क्या है?
उत्तर: बौद्ध पाठ (राजा मिलिंद और नागसेन का संवाद)
समझें: यह ग्रंथ पाली भाषा में लिखा गया है।
प्रश्न 403: ‘हाथीगुम्फा’ अभिलेख किस राजा का है?
उत्तर: कलिंग नरेश खारवेल
समझें: यह खारवेल की विजयों का मुख्य स्रोत है।
प्रश्न 404: ‘गोलमिक’ शब्द का प्रयोग किसके लिए होता था?
उत्तर: सातवाहन सैन्य अधिकारी
समझें: यह अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों का प्रशासन संभालता था।
प्रश्न 405: ‘शिल्पादिकारम’ किस साहित्य का महाकाव्य है?
उत्तर: तमिल साहित्य
समझें: इसके लेखक इलांगो अडिगल थे।
प्रश्न 406: ‘भरहुत स्तूप’ कहाँ स्थित है?
उत्तर: मध्य प्रदेश (सतना)
समझें: इसे मौर्य और शुंग काल में विकसित किया गया।
प्रश्न 407: ‘रुद्रदामन’ किस वंश का राजा था?
उत्तर: शक वंश
समझें: वह संस्कृत का बहुत बड़ा प्रेमी था।
प्रश्न 408: ‘ओदंतपुरी’ विश्वविद्यालय कहाँ था?
उत्तर: बिहार में
समझें: इसे पाल राजाओं ने बनवाया था।
प्रश्न 409: कनिष्क की दूसरी राजधानी कौन सी थी?
उत्तर: मथुरा
समझें: पहली राजधानी पुरुषपुर (पेशावर) थी।
प्रश्न 410: अमर सिंह किसके दरबारी थे?
उत्तर: चन्द्रगुप्त द्वितीय
समझें: उन्होंने अमरकोष की रचना की थी।
प्रश्न 411: बुद्ध की पहली मूर्तियाँ किस शैली में बनीं?
उत्तर: गांधार और मथुरा शैली
समझें: कुषाण काल कला के लिए प्रसिद्ध था।
प्रश्न 412: ‘शून्य’ का सिद्धांत किस काल की देन है?
उत्तर: गुप्त काल
समझें: आर्यभट्ट ने इसे गणितीय रूप दिया।
प्रश्न 413: ‘कुसुमपुर’ किसे कहा जाता था?
उत्तर: पाटलिपुत्र को
समझें: यह मौर्यों की राजधानी का प्राचीन नाम था।
प्रश्न 414: ‘उर’ क्या थी?
उत्तर: ग्राम सभा (चोल काल)
समझें: यह स्थानीय प्रशासन की बुनियादी इकाई थी।
प्रश्न 415: ‘अंतिम विक्रमादित्य’ कौन था?
उत्तर: हेमचन्द्र (हेमू)
समझें: उसने पानीपत के दूसरे युद्ध से पहले यह उपाधि ली थी।
प्रश्न 416: ‘लाल चेर’ किसे कहा जाता था?
उत्तर: शेनगुट्टुवन
समझें: वह चेर वंश का सबसे शक्तिशाली राजा था।
प्रश्न 417: पल्लव रथ मंदिर क्या कहलाते थे?
उत्तर: सप्त पगोडा
समझें: ये महाबलीपुरम में स्थित हैं।
प्रश्न 418: अमोघवर्ष किस वंश का था?
उत्तर: राष्ट्रकूट वंश
समझें: वह जैन धर्म का अनुयायी था।
प्रश्न 419: ‘रेशम बुनकरों’ का उल्लेख कहाँ है?
उत्तर: मंदसौर अभिलेख में
समझें: इसे दशपुर अभिलेख भी कहा जाता है।
प्रश्न 420: ‘विवेक चूड़ामणि’ किसकी रचना है?
उत्तर: शंकराचार्य
समझें: यह अद्वैत वेदांत का महत्वपूर्ण ग्रंथ है।
प्रश्न 421: ‘विषयपति’ कौन होता था?
उत्तर: जिला अधिकारी (गुप्त काल)
समझें: जिलों को ‘विषय’ कहा जाता था।
प्रश्न 422: ‘स्वप्नवासवदत्ता’ किसने लिखा?
उत्तर: महाकवि भास
समझें: यह प्राचीन भारत का प्रसिद्ध नाटक है।
प्रश्न 423: शातकर्णी ने किसे हराया?
उत्तर: शक राजा नहपान को
समझें: वह सातवाहन वंश का प्रतापी राजा था।
प्रश्न 424: कनिष्क ने कौन सा धर्म फैलाया?
उत्तर: बौद्ध धर्म (महायान)
समझें: उसने मध्य एशिया में इसका प्रचार किया।
प्रश्न 425: ‘कुणिक’ किसका नाम था?
उत्तर: अजातशत्रु का
समझें: वह मगध का शक्तिशाली शासक था।
प्रश्न 426: कलिंग की राजधानी क्या थी?
उत्तर: तोसली
समझें: अशोक ने यहाँ भीषण युद्ध लड़ा था।
प्रश्न 427: राजश्री को किसने बचाया?
उत्तर: हर्षवर्धन ने
समझें: वह उसकी बहन थी।
प्रश्न 428: आदिवराह कौन था?
उत्तर: मिहिर भोज
समझें: यह प्रतिहार राजा की उपाधि थी।
प्रश्न 429: मिहिरकुल कौन था?
उत्तर: हूण शासक
समझें: वह बौद्ध धर्म का घोर विरोधी था।
प्रश्न 430: अमरकोष में कितनी भूमि है?
उत्तर: 12 प्रकार की
समझें: इसमें भूमि का विस्तृत वर्गीकरण है।
प्रश्न 431: शुंगों की भाषा क्या थी?
उत्तर: संस्कृत
समझें: उन्होंने ब्राह्मण धर्म को बढ़ावा दिया।
प्रश्न 432: सातवाहन सिक्के किसके थे?
उत्तर: सीसे (Lead) के
समझें: ये सिक्के आज भी खुदाई में मिलते हैं।
प्रश्न 433: तनसुलिया नहर किसने बनवाई?
उत्तर: राजा खारवेल ने
समझें: यह सिंचाई के लिए प्राचीन नहर थी।
प्रश्न 434: ‘अग्रहार’ क्या था?
उत्तर: ब्राह्मणों को दान भूमि
समझें: यह पूरी तरह से कर-मुक्त होती थी।
प्रश्न 435: ‘गाथासप्तशती’ किसने लिखी?
उत्तर: राजा हाल ने
समझें: यह प्राकृत भाषा का सुंदर काव्य है।
प्रश्न 436: ‘पंचतंत्र’ का महत्व क्या है?
उत्तर: विश्व प्रसिद्ध नीति कथा
समझें: यह व्यवहार कुशल ज्ञान देती है।
प्रश्न 437: ‘हट्ट’ क्या होता था?
उत्तर: बाजार (Market)
समझें: जहाँ ग्रामीण वस्तु विनिमय होता था।
प्रश्न 438: चौथी संगीति का अध्यक्ष कौन था?
उत्तर: वसुमित्र
समझें: यह कश्मीर में आयोजित हुई थी।
प्रश्न 439: ‘कलंजु’ क्या था?
उत्तर: स्वर्ण मुद्रा
समझें: यह चोल काल में प्रचलित थी।
प्रश्न 440: ‘अंकुरवाट’ में क्या चित्रित है?
उत्तर: रामायण और महाभारत
समझें: यह कंबोडिया का भव्य मंदिर है।
प्रश्न 441: ‘न्याय कुसुमांजलि’ किसने लिखी?
उत्तर: उदयनाचार्य
समझें: उन्होंने ईश्वर को तर्क से सिद्ध किया।
प्रश्न 442: राष्ट्रकूटों का पहला राजा कौन था?
उत्तर: दंतिदुर्ग
समझें: उसने चालुक्यों को हराकर सत्ता पाई।
प्रश्न 443: चालुक्यों को किसने हराया?
उत्तर: दंतिदुर्ग ने
समझें: इसके साथ राष्ट्रकूट साम्राज्य की नींव पड़ी।
प्रश्न 444: ‘तोलकाप्पियम’ क्या है?
उत्तर: तमिल व्याकरण
समझें: यह संगम साहित्य का श्रेष्ठ अंग है।
प्रश्न 445: ‘दिव्य प्रबंधम्’ का संकलन किसने किया?
उत्तर: नाथममुनि ने
समझें: इसमें अलवार संतों के पद हैं।
प्रश्न 446: मेघवर्ण को मंदिर बनाने की अनुमति किसने दी?
उत्तर: समुद्रगुप्त ने
समझें: यह मंदिर गया में स्थित है।
प्रश्न 447: विष्णुपाद मंदिर किसने बनवाया?
उत्तर: अहिल्याबाई होल्कर ने
समझें: यह गया का प्रसिद्ध ऐतिहासिक मंदिर है।
प्रश्न 448: ‘हम्मीर मर्दन’ किसने लिखा?
उत्तर: जयसिंह सूरी
समझें: यह ऐतिहासिक नाटक है।
प्रश्न 449: ‘अग्रहार’ का प्रशासन कौन चलाता था?
उत्तर: ब्राह्मणों की परिषद
समझें: वे गाँव के स्वायत्त शासक थे।
प्रश्न 450: पांड्यों की राजधानी क्या थी?
उत्तर: मदुरै
समझें: यह दक्षिण भारत का प्राचीनतम नगर है।
प्राचीन भारत का इतिहास: प्रश्न 451 से 500
प्रश्न 451: पुलकेशिन II का पल्लव दुश्मन कौन था?
उत्तर: नरसिंहवर्मन प्रथम
समझें: दोनों के बीच भयंकर युद्ध हुआ था।
प्रश्न 452: प्राचीन ‘रसायन विज्ञान’ का जनक कौन है?
उत्तर: नागार्जुन
समझें: उन्होंने धातुओं के शोधन पर कार्य किया।
प्रश्न 453: जयदेव किसके कवि थे?
उत्तर: लक्ष्मण सेन के
समझें: उन्होंने गीत गोविन्द की रचना की।
प्रश्न 454: नालंदा को किसने नष्ट किया?
उत्तर: बख्तियार खिलजी ने
समझें: इस हमले ने भारतीय ज्ञान को भारी नुकसान पहुंचाया।
प्रश्न 455: ‘आहत’ सिक्के किसके होते थे?
उत्तर: चांदी के
समझें: ये भारत के प्राचीनतम सिक्के हैं।
प्रश्न 456: किस राजा ने ‘जैन धर्म’ अपनाकर प्राण त्यागे?
उत्तर: चन्द्रगुप्त मौर्य
समझें: यह घटना श्रवणबेलगोला में हुई।
प्रश्न 457: ‘रानी का अभिलेख’ किसे कहते हैं?
उत्तर: कौशाम्बी स्तंभ लेख
समझें: इसमें अशोक की रानी कारुवाकी का उल्लेख है।
प्रश्न 458: ऋग्वेद में ‘किरात’ कौन थे?
उत्तर: पर्वतीय जातियाँ
समझें: वे वनों और पहाड़ों में रहते थे।
प्रश्न 459: ‘सूर्य सिद्धांत’ किसने दिया?
उत्तर: आर्यभट्ट ने
समझें: इसमें खगोलीय गणनाओं का विवरण है।
प्रश्न 460: खजुराहो के मंदिर किस पत्थर के हैं?
उत्तर: लाल बलुआ पत्थर
समझें: ये अपनी नक्काशी के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं।
प्रश्न 461: कांची का राजा कौन था?
उत्तर: विष्णुगोप
समझें: समुद्रगुप्त ने इसे पराजित किया था।
प्रश्न 462: ‘मीमांसा’ का प्रवर्तक कौन है?
उत्तर: महर्षि जैमिनी
समझें: यह वेदों के कर्मकांड पर आधारित दर्शन है।
प्रश्न 463: सांची का पुराना नाम क्या था?
उत्तर: काकनादबाट
समझें: सांची बौद्ध धर्म का मुख्य केंद्र रहा।
प्रश्न 464: चोल काल में ‘नडु’ क्या था?
उत्तर: जिला
समझें: प्रशासन की एक बड़ी इकाई।
प्रश्न 465: तंजावुर किसने बसाया?
उत्तर: विजयालय ने
समझें: वह चोल वंश का संस्थापक था।
प्रश्न 466: ‘राजतरंगिणी’ का अर्थ क्या है?
उत्तर: राजाओं की नदी
समझें: इसमें कश्मीर का इतिहास है।
प्रश्न 467: भागभद्र किस काल का था?
उत्तर: शुंग काल
समझें: वह शुंग वंश का राजा था।
प्रश्न 468: सातवाहन कब तक रहे?
उत्तर: लगभग 450 साल
समझें: यह सबसे लंबा शासन करने वाला वंश था।
प्रश्न 469: हर्ष ने गाँवों का दान किसे दिया?
उत्तर: नालंदा विश्वविद्यालय को
समझें: 100 गाँवों के राजस्व से इसकी शिक्षा चलती थी।
प्रश्न 470: अंकुरवाट कितना बड़ा है?
उत्तर: 400 एकड़ से अधिक
समझें: यह दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक स्थल है।
प्रश्न 471: पल्लवों का ‘कडुम’ क्या था?
उत्तर: भूमि माप की इकाई
समझें: कृषि प्रशासन के लिए इसका प्रयोग होता था।
प्रश्न 472: प्रतिहार वंश कैसे खत्म हुआ?
उत्तर: गजनवी के आक्रमणों से
समझें: इसके बाद उत्तर भारत में छोटे राज्य बन गए।
प्रश्न 473: ‘रंगमहल’ संस्कृति कहाँ थी?
उत्तर: राजस्थान में
समझें: यह कुषाण कालीन सभ्यता का हिस्सा है।
प्रश्न 474: हर्ष किस धर्म को मानता था?
उत्तर: शिव और बौद्ध धर्म
समझें: बाद में वह बौद्ध धर्म की ओर झुक गया।
प्रश्न 475: ‘विशुद्धिमग्ग’ किसने लिखी?
उत्तर: बुद्धघोष ने
समझें: यह बौद्ध धर्म का प्रमुख ग्रंथ है।
प्रश्न 476: ‘महिपाल’ झील कहाँ है?
उत्तर: पश्चिम बंगाल में
समझें: इसे पाल राजाओं ने बनवाया था।
प्रश्न 477: परम भागवत कौन था?
उत्तर: चन्द्रगुप्त द्वितीय
समझें: यह उनके वैष्णव होने का प्रमाण है।
प्रश्न 478: ‘अग्निकुल’ के राजपूत कौन हैं?
उत्तर: प्रतिहार, परमार, चौहान, सोलंकी
समझें: ये चारों वंश बहुत प्रसिद्ध रहे।
प्रश्न 479: लिंगायत किसकी पूजा करते हैं?
उत्तर: भगवान शिव की
समझें: वे शरीर पर छोटा लिंग धारण करते हैं।
प्रश्न 480: ‘अपराजित शैली’ किसकी है?
उत्तर: पल्लवों की
समझें: यह उनकी अंतिम वास्तु शैली थी।
प्रश्न 481: ‘निगम सभा’ क्या थी?
उत्तर: नगर प्रशासन (सातवाहन)
समझें: यह नगरों का प्रबंधन देखती थी।
प्रश्न 482: चारुदत्त कौन था?
उत्तर: मृच्छकटिकम् का नायक
समझें: वह एक भला और उदार व्यापारी था।
प्रश्न 483: ‘तनिंयुर’ क्या था?
उत्तर: एक बड़ा स्वतंत्र गाँव
समझें: चोल काल में इन्हें विशेष दर्जा प्राप्त था।
प्रश्न 484: वेनसांग कितने साल रहा?
उत्तर: 15 साल
समझें: उसने पूरे भारत का भ्रमण किया।
प्रश्न 485: योग दर्शन का पिता कौन है?
उत्तर: महर्षि पतंजलि
समझें: उन्होंने योग सूत्र की रचना की।
प्रश्न 486: मानखेत किस नदी पर है?
उत्तर: मालप्रभा नदी
समझें: यह राष्ट्रकूटों का मुख्य नगर था।
प्रश्न 487: पंचतंत्र कहाँ लिखी गई?
उत्तर: महिलारोप्य नगर में
समझें: दक्षिण भारत के एक नगर में इसकी रचना हुई।
प्रश्न 488: गुप्त काल क्या था?
उत्तर: भारत का स्वर्ण काल
समझें: इसमें चहुंमुखी विकास हुआ।
प्रश्न 489: रंगमहल बर्तन कैसे थे?
उत्तर: लाल रंग के चित्र वाले
समझें: यह एक विशेष मृदभांड शैली थी।
प्रश्न 490: अद्वैत में जगत क्या है?
उत्तर: मिथ्या (माया)
समझें: केवल ब्रह्म ही सत्य है।
प्रश्न 491: भूमि दान किसने शुरू किया?
उत्तर: सातवाहनों ने
समझें: सबसे पहले बौद्धों को भूमि दी गई।
प्रश्न 492: शून्यवाद किसके समान है?
उत्तर: सापेक्षतावाद के
समझें: यह आधुनिक विज्ञान से मेल खाता है।
प्रश्न 493: पाशुपत संप्रदाय किसका है?
उत्तर: शैव धर्म का
समझें: यह बहुत प्राचीन मार्ग है।
प्रश्न 494: बादामी में क्या मिला है?
उत्तर: भित्ति चित्र (Paintings)
समझें: गुफाओं की दीवारों पर सुंदर कला है।
प्रश्न 495: ‘पेरुमल’ कौन हैं?
उत्तर: भगवान विष्णु
समझें: दक्षिण भारत में यह नाम बहुत लोकप्रिय है।
प्रश्न 496: तक्षशिला किसने तोड़ी?
उत्तर: हूणों ने
समझें: उनके बर्बर हमलों से यह नष्ट हो गई।
प्रश्न 497: ‘कामसूत्र’ किसने लिखी?
उत्तर: महर्षि वात्स्यायन
समझें: यह जीवनशैली पर आधारित प्राचीन ग्रंथ है।
प्रश्न 498: ‘महादंडनायक’ कौन था?
उत्तर: मुख्य न्यायाधीश
समझें: हर्ष के काल का प्रमुख न्यायिक अधिकारी।
प्रश्न 499: अंतिम हिंदू सम्राट कौन था?
उत्तर: हर्षवर्धन
समझें: उन्होंने उत्तर भारत को एक सूत्र में पिरोया।
प्रश्न 500: इतिहास क्या सिखाता है?
उत्तर: अपनी सभ्यता और संस्कृति को समझना
समझें: यह पूर्वजों के गौरव का आइना है।