Home Latest Jobs Admit Card Result Gk Quze Math Practice Reasoning Quze English Practice

BODMAS नियम: गणितीय संक्रियाओं का संपूर्ण मार्गदर्शिका

गणित की दुनिया में अंकों को जोड़ना या घटाना जितना सरल दिखता है, समीकरणों को हल करना उतना ही चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यदि आपको एक ही पंक्ति में जोड़, घटाव, गुणा और भाग दे दिया जाए, तो आप भ्रमित हो सकते हैं कि शुरुआत कहाँ से करें। इसी भ्रम को दूर करने के लिए गणितज्ञों ने BODMAS का नियम बनाया है। यह नियम किसी भी प्रतियोगी परीक्षा जैसे SSC, Banking, Railway, या UPSC के CSAT पेपर के लिए रीढ़ की हड्डी माना जाता है।


भाग 1: BODMAS का विस्तृत अर्थ और परिभाषा

BODMAS एक संक्षिप्त रूप (Acronym) है जो गणना के क्रम को निर्धारित करता है। आइए इसके प्रत्येक अक्षर का गहन विश्लेषण करें:

1. B – Brackets (कोष्ठक)

जब किसी प्रश्न में कोष्ठक होते हैं, तो सबसे पहले उनके अंदर की संख्याओं को हल किया जाता है। कोष्ठकों को हल करने का भी एक निश्चित क्रम होता है:

  • रेखा कोष्ठक (Bar Bracket —): इसे ‘विनकुलम’ भी कहते हैं। यदि किसी संख्या के ऊपर बार लगा हो, तो सबसे पहले वही हल होगा।
  • छोटा कोष्ठक (Small Bracket) ( ): रेखा कोष्ठक के बाद इसकी बारी आती है।
  • मंझला कोष्ठक (Curly Bracket) { }: छोटे कोष्ठक को हल करने के बाद इसके अंदर का हिस्सा सुलझाया जाता है।
  • बड़ा कोष्ठक (Square Bracket) [ ]: यह सबसे अंत में हल होने वाला कोष्ठक है।

2. O – Of / Order (का / घात)

B के ठीक बाद O का नंबर आता है। इसके दो मुख्य उपयोग हैं:

  • Of (का): सरल शब्दों में इसका अर्थ गुणा ही होता है, लेकिन नियम के अनुसार इसे भाग से पहले किया जाता है। जैसे: 100 का 20%।
  • Order (घात): यहाँ वर्ग (Square), घन (Cube), और वर्गमूल (Square Root) जैसी घातांक वाली गणनाएं की जाती हैं। जैसे 4² या √25।

3. D – Division (भाग) और M – Multiplication (गुणा)

नियम में भाग (D) पहले और गुणा (M) बाद में आता है। हालाँकि, गणित के आधुनिक सिद्धांतों के अनुसार इन दोनों की प्राथमिकता समान है, इसलिए इन्हें बाएँ से दाएँ (Left to Right) के क्रम में हल करना चाहिए। प्रतियोगी परीक्षाओं में हमेशा पहले भाग देने की सलाह दी जाती है ताकि संख्याएँ छोटी हो जाएं।

4. A – Addition (जोड़) और S – Subtraction (घटाव)

यह गणना का अंतिम चरण है। संख्याओं को जोड़ने के बाद अंत में घटाने की प्रक्रिया पूरी की जाती है।


भाग 2: महत्वपूर्ण सारणी (Priority Table)

क्रम संकेत क्रिया
1 [ { ( — ) } ] कोष्ठक हल करना
2 Of, x², √ का / घात / वर्गमूल
3 ÷ भाग देना
4 × गुणा करना
5 + जोड़ना
6 घटाना

भाग 3: विस्तृत अभ्यास प्रश्न (Solved Examples)

उदाहरण 1: 50 + [20 – {10 – (8 – 5)}] का मान ज्ञात करें।

समाधान स्टेप-बाय-स्टेप:

Step 1: छोटा कोष्ठक हल करें: (8 – 5) = 3.

Step 2: मंझला कोष्ठक हल करें: {10 – 3} = 7.

Step 3: बड़ा कोष्ठक हल करें: [20 – 7] = 13.

Step 4: अंत में जोड़ें: 50 + 13 = 63.

उत्तर: 63

उदाहरण 2: 1/4 ÷ 1/4 का 1/4 × 1/4 का मान क्या होगा?

समाधान: यहाँ ‘का’ (Of) भाग से पहले हल होगा।

Step 1: ‘का’ हल करें: 1/4 का 1/4 = 1/16.

Step 2: अब भाग: 1/4 ÷ 1/16 = 1/4 × 16/1 = 4.

Step 3: अंत में गुणा: 4 × 1/4 = 1.

उत्तर: 1

उदाहरण 3: 100 ÷ 5 × 4 + (20 ÷ 4) – 5

समाधान:

Step 1: कोष्ठक: 20 ÷ 4 = 5. (समीकरण: 100 ÷ 5 × 4 + 5 – 5)

Step 2: भाग: 100 ÷ 5 = 20. (समीकरण: 20 × 4 + 5 – 5)

Step 3: गुणा: 20 × 4 = 80. (समीकरण: 80 + 5 – 5)

Step 4: जोड़ और घटाव: 80 + 5 = 85, 85 – 5 = 80.

उत्तर: 80

उदाहरण 4: क्या होगा यदि बार (Bar) कोष्ठक दिया हो? 15 – [10 – {5 – (4 – 1)}] (माना 4-1 पर बार है)

समाधान:

Step 1: बार कोष्ठक हल करें: 4 – 1 = 3.

Step 2: छोटा कोष्ठक: 5 – 3 = 2.

Step 3: मंझला कोष्ठक: 10 – 2 = 8.

Step 4: अंत में घटाव: 15 – 8 = 7.

उत्तर: 7


भाग 4: सामान्य गलतियाँ और उनसे बचने के उपाय

BODMAS हल करते समय अक्सर छात्र निम्नलिखित गलतियाँ करते हैं:

  • चिह्नों की अनदेखी: कोष्ठक के बाहर यदि (-) का चिह्न है, तो कोष्ठक खोलते समय अंदर के सभी चिह्न बदल जाते हैं। जैसे: -(5 – 2) = -5 + 2.
  • बाएँ से दाएँ का नियम भूलना: यदि प्रश्न में केवल गुणा और भाग ही बचे हैं, तो हमेशा बाएँ से शुरू करें।
  • ‘Of’ को साधारण गुणा समझना: याद रखें, ‘Of’ का गुणा भाग से पहले होगा, जबकि साधारण गुणा (x) भाग के बाद।

भाग 5: स्वयं के लिए अभ्यास (Self Practice)

नीचे दिए गए प्रश्नों को स्वयं हल करें और उत्तर की जांच करें:

  1. 48 ÷ 12 × (9 – 8) का 4 = ?
  2. 1800 ÷ 10 {12 + (6 + 8 – 2)} = ?
  3. 25 का 4/5 ÷ 2 + 10 = ?
  4. [{(10 + 5) ÷ 3} × 5] – 20 = ?
  5. 0.4 × 0.4 ÷ 0.4 + 0.4 = ?

— यह मार्गदर्शिका आपकी गणितीय समझ को गहरा करने के लिए बनाई गई है। निरंतर अभ्यास ही सफलता की एकमात्र कुंजी है। —