अध्याय 11: वाक्य विचार (Sentence)
हिंदी व्याकरण के क्रमिक विकास में वर्णों से शब्द और शब्दों के सार्थक मेल से ‘वाक्य’ का निर्माण होता है। वाक्य भाषा की वह सबसे छोटी इकाई है जो किसी विचार को पूर्ण रूप से व्यक्त करने में सक्षम होती है। जब हम अपनी बात दूसरों तक पहुँचाते हैं, तो हम केवल शब्दों का प्रयोग नहीं करते, बल्कि उन्हें एक निश्चित क्रम में व्यवस्थित करके ‘वाक्य’ बनाते हैं। इस अध्याय में हम वाक्य की परिभाषा, उसके अनिवार्य तत्व और विभिन्न भेदों का विस्तृत अध्ययन करेंगे।
उदाहरण: “राम स्कूल जाता है।” (यह एक पूर्ण और सार्थक वाक्य है)
1. वाक्य के अनिवार्य तत्व
किसी भी समूह को वाक्य कहने के लिए उसमें निम्नलिखित छह तत्वों का होना आवश्यक माना गया है। यदि इनमें से किसी का अभाव हो, तो वाक्य अधूरा या अशुद्ध लगेगा:
- सार्थकता: वाक्य में प्रयुक्त शब्द अर्थवान होने चाहिए।
- योग्यता: शब्दों में प्रसंग के अनुसार अर्थ देने की क्षमता होनी चाहिए।
- आकांक्षा: वाक्य ऐसा हो कि उसे सुनने के बाद और कुछ सुनने की इच्छा न रहे।
- आसक्ति (निकटता): शब्दों को बोलने या लिखने में समय का अधिक अंतर नहीं होना चाहिए।
- पदक्रम: शब्दों का एक निश्चित व्याकरणिक क्रम होना चाहिए (जैसे— कर्ता + कर्म + क्रिया)।
- अन्वय: पदों में लिंग, वचन और कारक का क्रिया के साथ सही मेल होना चाहिए।
2. वाक्य के अंग (Parts of Sentence)
संरचना की दृष्टि से हर वाक्य के दो मुख्य अंग होते हैं:
(क) उद्देश्य (Subject)
वाक्य में जिसके बारे में कुछ कहा जाता है, उसे ‘उद्देश्य’ कहते हैं। इसमें मुख्य रूप से कर्ता और कर्ता का विस्तार आता है।
उदाहरण: “सफेद घोड़ा तेज दौड़ता है।” (यहाँ ‘सफेद घोड़ा’ उद्देश्य है)
(ख) विधेय (Predicate)
उद्देश्य के बारे में जो कुछ भी कहा जाता है, उसे ‘विधेय’ कहते हैं। इसमें क्रिया, कर्म और उनके विस्तार आते हैं।
उदाहरण: “मोहन पुस्तक पढ़ रहा है।” (यहाँ ‘पुस्तक पढ़ रहा है’ विधेय है)
3. वाक्यों का वर्गीकरण (Classification)
हिंदी व्याकरण में वाक्यों को दो मुख्य आधारों पर बांटा गया है:
I. रचना के आधार पर वाक्य के भेद
| भेद | विवरण | उदाहरण |
|---|---|---|
| सरल वाक्य | जिसमें एक ही उद्देश्य और एक ही विधेय (मुख्य क्रिया) हो। | बच्चे खेल रहे हैं। |
| संयुक्त वाक्य | जहाँ दो सरल वाक्य योजकों (और, किंतु, परंतु) द्वारा जुड़े हों। | सूरज निकला और पक्षी चहकने लगे। |
| मिश्र वाक्य | जिसमें एक मुख्य वाक्य हो और दूसरा उस पर आश्रित हो। | शिक्षक ने कहा कि कल छुट्टी है। |
II. अर्थ के आधार पर वाक्य के भेद
अर्थ के आधार पर वाक्य आठ प्रकार के होते हैं:
- विधानवाचक: सामान्य सूचना देना (जैसे: सूर्य पूर्व में उगता है)।
- निषेधवाचक: काम न होने का बोध (जैसे: मैं आज नहीं पढ़ूँगा)।
- प्रश्नवाचक: प्रश्न पूछना (जैसे: तुम्हारा नाम क्या है?)।
- आज्ञावाचक: आदेश या प्रार्थना (जैसे: तुम यहाँ से जाओ)।
- विस्मयादिवाचक: आश्चर्य, शोक या हर्ष (जैसे: वाह! कितना सुंदर दृश्य है)।
- इच्छावाचक: शुभकामना या इच्छा (जैसे: ईश्वर तुम्हारा भला करे)।
- संदेहवाचक: काम होने में शक (जैसे: शायद आज वर्षा होगी)।
- संकेतवाचक: एक क्रिया का दूसरी पर निर्भर होना (जैसे: यदि परिश्रम करोगे, तो सफल होगे)।
4. अभ्यास प्रश्नावली (15 प्रश्न एवं उत्तर)
प्रश्न 1: वाक्य किसे कहते हैं?
उत्तर: सार्थक शब्दों के उस व्यवस्थित समूह को जिससे पूर्ण अर्थ प्रकट हो, वाक्य कहते हैं।
प्रश्न 2: वाक्य के दो मुख्य अंग कौन से हैं?
उत्तर: उद्देश्य (Subject) और विधेय (Predicate)।
प्रश्न 3: रचना के आधार पर वाक्य के कितने भेद हैं?
उत्तर: तीन भेद हैं— सरल, संयुक्त और मिश्र वाक्य।
प्रश्न 4: अर्थ के आधार पर वाक्य के कितने भेद हैं?
उत्तर: आठ भेद हैं।
प्रश्न 5: “यदि वर्षा होती तो फसल अच्छी होती”—यह कैसा वाक्य है?
उत्तर: यह अर्थ के आधार पर ‘संकेतवाचक वाक्य’ है।
प्रश्न 6: मिश्र वाक्य की पहचान क्या है?
उत्तर: इसमें ‘कि’, ‘जो’, ‘जितना-उतना’, ‘जैसा-तैसा’ जैसे योजकों का प्रयोग होता है।
प्रश्न 7: उद्देश्य का विस्तार किसे कहते हैं?
उत्तर: कर्ता की विशेषता बताने वाले शब्दों को (जैसे: ‘मेरा भाई’ मोहन)।
प्रश्न 8: विधानवाचक वाक्य किसे कहते हैं?
उत्तर: जिस वाक्य से किसी बात या कार्य के होने की सामान्य सूचना मिले।
प्रश्न 9: “खबरदार! आगे मत बढ़ना”—यह कैसा वाक्य है?
उत्तर: यह आज्ञावाचक (चेतावनी) वाक्य है।
प्रश्न 10: संयुक्त वाक्य की क्या पहचान है?
उत्तर: इसमें दो स्वतंत्र वाक्य ‘और’, ‘एवं’, ‘या’, ‘अथवा’, ‘परंतु’ से जुड़े होते हैं।
प्रश्न 11: “शायद वह कल आए”—यह कैसा वाक्य है?
उत्तर: संदेहवाचक वाक्य।
प्रश्न 12: पदक्रम का क्या अर्थ है?
उत्तर: वाक्य में पदों (शब्दों) का व्याकरण के नियमों के अनुसार सही स्थान पर होना।
प्रश्न 13: क्या एक वाक्य में दो उद्देश्य हो सकते हैं?
उत्तर: हाँ, संयुक्त वाक्य में दो या अधिक उद्देश्य हो सकते हैं।
प्रश्न 14: इच्छावाचक वाक्य का एक उदाहरण दें।
उत्तर: आपकी यात्रा मंगलमय हो।
प्रश्न 15: मिश्र वाक्य को सरल वाक्य में कैसे बदलते हैं?
उत्तर: आश्रित उपवाक्य को मुख्य क्रिया में बदलकर वाक्य को एक सरल प्रवाह में लिखकर।