अध्याय 16: वाच्य (Voice)
हिंदी व्याकरण में ‘वाच्य’ वह विषय है जो हमें बताता है कि वाक्य में क्रिया का मुख्य विषय क्या है। क्रिया किसके अनुसार बदल रही है— कर्ता के अनुसार, कर्म के अनुसार या भाव के अनुसार? वाच्य के माध्यम से ही हम यह समझ पाते हैं कि वाक्य में प्रधानता किसकी है। सरल शब्दों में, क्रिया के जिस रूप से यह पता चले कि वाक्य में क्रिया का विधान कर्ता, कर्म या भाव में से किसके लिए किया गया है, उसे ‘वाच्य’ कहते हैं।
1. वाच्य के भेद
हिंदी व्याकरण में वाच्य के मुख्य रूप से तीन भेद होते हैं:
(क) कर्तृवाच्य (Active Voice)
जिस वाक्य में क्रिया का सीधा और प्रधान संबंध ‘कर्ता’ से होता है, उसे कर्तृवाच्य कहते हैं। इसमें क्रिया के लिंग और वचन कर्ता के अनुसार बदलते हैं।
उदाहरण 1: लड़का आम खाता है। (कर्ता पुल्लिंग एकवचन, क्रिया भी पुल्लिंग एकवचन)
उदाहरण 2: लड़कियाँ गाना गाती हैं। (कर्ता स्त्रीलिंग बहुवचन, क्रिया भी स्त्रीलिंग बहुवचन)
(ख) कर्मवाच्य (Passive Voice)
जिस वाक्य में क्रिया का सीधा और प्रधान संबंध ‘कर्म’ से होता है, उसे कर्मवाच्य कहते हैं। इसमें क्रिया के लिंग और वचन कर्ता के अनुसार न बदलकर ‘कर्म’ के अनुसार बदलते हैं। कर्मवाच्य केवल सकर्मक क्रियाओं का ही बनता है।
उदाहरण 1: लड़के द्वारा आम खाया जाता है। (‘आम’ कर्म है, क्रिया इसी के अनुसार है)
उदाहरण 2: सीता द्वारा पुस्तक पढ़ी गई। (‘पुस्तक’ स्त्रीलिंग है, इसलिए क्रिया भी स्त्रीलिंग है)
(ग) भाववाच्य (Impersonal Voice)
जिस वाक्य में न तो कर्ता की प्रधानता होती है और न ही कर्म की, बल्कि क्रिया का ‘भाव’ ही मुख्य होता है, उसे भाववाच्य कहते हैं। भाववाच्य की क्रिया हमेशा अन्य पुरुष, पुल्लिंग और एकवचन में रहती है। यह अक्सर असमर्थता दिखाने के लिए उपयोग होता है।
उदाहरण 1: मुझसे चला नहीं जाता।
उदाहरण 2: अब सोया जाए।
2. वाच्य परिवर्तन के नियम
एक वाच्य से दूसरे वाच्य में बदलने के लिए कुछ विशेष नियमों का पालन करना होता है:
| परिवर्तन | मुख्य नियम |
|---|---|
| कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य | कर्ता के साथ ‘से’ या ‘के द्वारा’ जोड़ें। क्रिया का रूप कर्म के अनुसार बदलें। |
| कर्तृवाच्य से भाववाच्य | कर्ता के साथ ‘से’ जोड़ें। क्रिया को सामान्य भूतकाल में बदलकर ‘जाना’ क्रिया जोड़ें। |
वाच्य परिवर्तन के उदाहरण:
- कर्तृवाच्य: मोहन पत्र लिखता है।
- कर्मवाच्य: मोहन के द्वारा पत्र लिखा जाता है।
- कर्तृवाच्य: पक्षी आकाश में उड़ते हैं।
- भाववाच्य: पक्षियों से आकाश में उड़ा जाता है।
3. अभ्यास प्रश्नावली (15 प्रश्न एवं उत्तर)
प्रश्न 1: ‘वाच्य’ किसे कहते हैं?
उत्तर: क्रिया के जिस रूपांतर से यह पता चले कि वाक्य में कर्ता, कर्म या भाव में से किसकी प्रधानता है, उसे वाच्य कहते हैं।
प्रश्न 2: वाच्य के कितने भेद होते हैं?
उत्तर: वाच्य के तीन भेद होते हैं— कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य और भाववाच्य।
प्रश्न 3: कर्मवाच्य में किसकी प्रधानता होती है?
उत्तर: कर्मवाच्य में ‘कर्म’ की प्रधानता होती है।
प्रश्न 4: “मुझसे बैठा नहीं जाता”—यह कौन सा वाच्य है?
उत्तर: यह भाववाच्य है।
प्रश्न 5: क्या अकर्मक क्रियाओं का कर्मवाच्य बन सकता है?
उत्तर: नहीं, कर्मवाच्य के लिए कर्म का होना ज़रूरी है, इसलिए यह केवल सकर्मक क्रियाओं का बनता है।
प्रश्न 6: “राम ने रोटी खाई”—यह किस वाच्य का उदाहरण है?
उत्तर: यह कर्तृवाच्य है (ने विभक्ति के कारण क्रिया कर्म के अनुसार है, पर वाच्य कर्तृवाच्य ही रहता है)।
प्रश्न 7: भाववाच्य की क्रिया हमेशा किस रूप में होती है?
उत्तर: अन्य पुरुष, पुल्लिंग और एकवचन में।
प्रश्न 8: “कपड़े धोए गए”—इसमें कौन सा वाच्य है?
उत्तर: कर्मवाच्य (इसमें कर्ता लुप्त है)।
प्रश्न 9: कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य बनाते समय कर्ता के साथ क्या जोड़ा जाता है?
उत्तर: ‘से’ या ‘के द्वारा’।
प्रश्न 10: “बालक सो रहा है”—इसका भाववाच्य क्या होगा?
उत्तर: बालक से सोया जा रहा है।
प्रश्न 11: वाच्य की पहचान का सबसे आसान तरीका क्या है?
उत्तर: यह देखें कि क्रिया का लिंग और वचन किसके (कर्ता या कर्म) अनुसार बदल रहा है।
प्रश्न 12: “तुमसे यह काम नहीं होगा”—यह कैसा वाच्य है?
उत्तर: कर्मवाच्य।
प्रश्न 13: क्या भाववाच्य हमेशा नकारात्मक (Negative) होते हैं?
उत्तर: अक्सर नकारात्मक होते हैं, लेकिन हमेशा नहीं (जैसे: ‘चलो, अब धूप में बैठा जाए’)।
प्रश्न 14: “किसान खेत जोत रहा है”—इसका कर्मवाच्य बनाइए।
उत्तर: किसान के द्वारा खेत जोता जा रहा है।
प्रश्न 15: वाच्य पढ़ना क्यों आवश्यक है?
उत्तर: वाक्यों की संरचना बदलने और भाषा में विविधता लाने के लिए वाच्य का ज्ञान ज़रूरी है।