अध्याय 7: विशेषण (Adjective) – परिभाषा, भेद और अवस्थाएं
हिंदी व्याकरण में संज्ञा और सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्दों को विशेषण कहा जाता है। विशेषण भाषा को सजीव और अर्थपूर्ण बनाते हैं। यदि हमें किसी व्यक्ति के गुणों या किसी वस्तु की मात्रा का बखान करना हो, तो हमें विशेषण का सहारा लेना ही पड़ता है।
1. विशेषण और विशेष्य (Adjective and Noun/Pronoun)
विशेषण को समझने के लिए दो शब्दों का ज्ञान होना अनिवार्य है:
- विशेषण: जो शब्द विशेषता बताते हैं। (जैसे: काला, सुंदर, चार, थोड़ा)
- विशेष्य: जिस संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताई जाती है। (जैसे: घोड़ा, फूल, लड़के, दूध)
– काला घोड़ा: यहाँ ‘काला’ विशेषण है और ‘घोड़ा’ विशेष्य है।
– सुंदर बगीचा: यहाँ ‘सुंदर’ विशेषण है और ‘ब बगीचा’ विशेष्य है।
2. विशेषण के भेद (Types of Adjective)
हिंदी व्याकरण में विशेषण के मुख्य रूप से चार भेद होते हैं:
(क) गुणवाचक विशेषण (Qualitative Adjective)
जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम के गुण, दोष, रंग, रूप, आकार, दशा, काल आदि का बोध कराते हैं।
जैसे: ईमानदार व्यक्ति, नीली कमीज, गोल मेज, पुराना किला, मीठा आम।
(ख) संख्यावाचक विशेषण (Numeral Adjective)
जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की संख्या का बोध कराते हैं। इसके दो उपभेद हैं:
- निश्चित संख्यावाचक: जहाँ संख्या पक्की हो (पाँच लड़के, दो किलो)।
- अनिश्चित संख्यावाचक: जहाँ संख्या पक्की न हो (कुछ लोग, कई बच्चे)।
(ग) परिमाणवाचक विशेषण (Adjective of Quantity)
जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की माप-तोल (मात्रा) बताते हैं। इसके भी दो उपभेद हैं:
- निश्चित परिमाणवाचक: दो लीटर दूध, पाँच मीटर कपड़ा।
- अनिश्चित परिमाणवाचक: थोडा पानी, बहुत सारा तेल।
(घ) सार्वनामिक विशेषण (Demonstrative Adjective)
जब कोई सर्वनाम शब्द संज्ञा से पहले आकर उसकी विशेषता बताता है या उसकी ओर संकेत करता है।
जैसे: वह घर मेरा है, यह लड़का चतुर है।
3. प्रविशेषण (Adverb of Adjective)
जो शब्द विशेषण की भी विशेषता बताते हैं, उन्हें प्रविशेषण कहते हैं।
जैसे: वह बहुत तेज दौड़ता है। (यहाँ ‘तेज’ विशेषण है और ‘बहुत’ प्रविशेषण है)।
सेब थोड़ा लाल है। (यहाँ ‘लाल’ विशेषण है और ‘थोड़ा’ प्रविशेषण है)।
4. विशेषण की अवस्थाएं (Degrees of Comparison)
तुलना की दृष्टि से विशेषण की तीन अवस्थाएं होती हैं:
| मूलावस्था (Positive) | उत्तरावस्था (Comparative) | उत्तमावस्था (Superlative) |
|---|---|---|
| उच्च | उच्चतर | उच्चतम |
| लघु | लघुतर | लघुतम |
| सुंदर | अधिक सुंदर | सबसे सुंदर |
अभ्यास प्रश्नावली – विशेषण (15 महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर)
उत्तर: विशेषण वह शब्द है जो विशेषता प्रकट करता है और विशेष्य वह संज्ञा या सर्वनाम है जिसकी विशेषता बताई जा रही है। बिना विशेष्य के विशेषण का अस्तित्व नहीं होता। उदाहरण: “ईमानदार बालक” में ‘ईमानदार’ विशेषण है और ‘बालक’ विशेष्य है।
उत्तर: संख्यावाचक विशेषण उन वस्तुओं के लिए आता है जिन्हें गिना जा सकता है (जैसे: चार कुर्सियां, कुछ छात्र)। परिमाणवाचक विशेषण उन वस्तुओं के लिए आता है जिन्हें केवल मापा या तोला जा सकता है, गिना नहीं जा सकता (जैसे: दो किलो चीनी, थोड़ा दूध)।
उत्तर: जो शब्द विशेषण की विशेषता को और अधिक बढ़ाकर बताते हैं, वे प्रविशेषण कहलाते हैं। उदाहरण: “कश्मीरी सेब सिंदूरी लाल होते हैं।” यहाँ ‘लाल’ विशेषण है और ‘सिंदूरी’ प्रविशेषण है क्योंकि वह लाल रंग की तीव्रता बता रहा है।
उत्तर: सार्वनामिक विशेषण की मुख्य पहचान यह है कि इसमें सर्वनाम शब्द संज्ञा से ठीक पहले आता है। उदाहरण: “यह पुस्तक मेरी है।” यहाँ ‘यह’ सर्वनाम है लेकिन ‘पुस्तक’ (संज्ञा) से पहले आकर उसकी विशेषता बता रहा है, इसलिए यह सार्वनामिक विशेषण है।
उत्तर: जब दो से अधिक व्यक्तियों या वस्तुओं की तुलना करके किसी एक को सबसे अच्छा या सबसे बुरा बताया जाता है, तो उसे विशेषण की उत्तमावस्था कहते हैं। उदाहरण: “रवि कक्षा में सबसे बुद्धिमान छात्र है” या “यह उच्चतम अंक हैं।”
उत्तर: 1. गुण-दोष (भला, बुरा), 2. रंग (काला, सफेद), 3. आकार (मोटा, पतला), 4. काल (नया, पुराना)।
उत्तर: यदि ‘थोड़ा’ का प्रयोग गणनीय संज्ञा के साथ हो, तो वह संख्यावाचक है (जैसे: थोड़े बच्चे)। यदि इसका प्रयोग माप-तोल वाली वस्तु के साथ हो, तो वह परिमाणवाचक है (जैसे: थोड़ा पानी)।
उत्तर: विशेषण का रूप विशेष्य के लिंग और वचन के अनुसार बदलता है। उदाहरण: ‘काला कुत्ता’ (पुल्लिंग), ‘काली कुतिया’ (स्त्रीलिंग), ‘काले कुत्ते’ (बहुवचन)।
उत्तर: मूलावस्था: सुंदर, उत्तरावस्था: अधिक सुंदर (या सुंदरतर), उत्तमावस्था: सबसे सुंदर (या सुंदरतम)।
उत्तर: निश्चित परिमाणवाचक: “मुझे पाँच लीटर पेट्रोल चाहिए।” अनिश्चित परिमाणवाचक: “चाय में कम चीनी डालना।”
उत्तर: संज्ञा शब्दों में प्रत्यय जोड़कर विशेषण बनाए जाते हैं। जैसे: भारत (संज्ञा) + ईय = भारतीय (विशेषण), प्यास (संज्ञा) + आ = प्यासा (विशेषण)।
उत्तर: ये निश्चित संख्यावाचक विशेषण के अंतर्गत ‘प्रत्येकबोधक’ विशेषण कहलाते हैं।
उत्तर: विशेषण का पद-परिचय देते समय उसका भेद, अवस्था, लिंग, वचन और उसका विशेष्य बताना अनिवार्य है।
उत्तर: हाँ, व्याकरणिक दृष्टि से वाक्य पूरा हो सकता है, लेकिन वह वाक्य सूचनात्मक कम और फीका होता है। विशेषण वाक्य में स्पष्टता और विस्तार लाते हैं।
उत्तर: यदि शब्द संज्ञा के स्थान पर आए, तो वह सर्वनाम है (जैसे: वह जा रहा है)। यदि शब्द संज्ञा से पहले आकर उसकी विशेषता बताए, तो वह सार्वनामिक विशेषण है (जैसे: वह लड़का जा रहा है)।