Chapter 16: Mirror and Water Image (दर्पण और जल प्रतिबिंब)
रीजनिंग के अंतर्गत दर्पण और जल प्रतिबिंब का अध्याय आपकी दृश्य कल्पना (Visual Imagination) को परखने के लिए बनाया गया है। इसमें आपको किसी वस्तु, अक्षर, अंक या आकृति का वह रूप पहचानना होता है जो शीशे (Mirror) में देखने पर या पानी (Water) की सतह पर दिखाई देता है। इस अध्याय को समझना बहुत आसान है यदि आप इसके दो मूल सिद्धांतों को पकड़ लें: पहला—दर्पण में दायाँ और बायाँ हिस्सा आपस में बदल जाता है, और दूसरा—जल में ऊपर और नीचे का हिस्सा आपस में बदल जाता है।
दर्पण प्रतिबिंब (Mirror Image) के नियम और बारीकियां
जब हम किसी दर्पण के सामने खड़े होते हैं, तो हमारा ‘प्रतिबिंब’ हमें हमारी ओर देखता हुआ प्रतीत होता है। दर्पण प्रतिबिंब का सबसे प्रमुख नियम ‘पार्श्व परिवर्तन’ (Lateral Inversion) है। इसका सीधा मतलब यह है कि वस्तु का जो हिस्सा वास्तविक रूप में दाईं ओर है, वह दर्पण में बाईं ओर दिखाई देगा। लेकिन, वस्तु का ऊपरी हिस्सा (सिर) हमेशा ऊपर ही रहेगा और निचला हिस्सा (पैर) हमेशा नीचे ही रहेगा।
यदि दर्पण वस्तु के दाईं या बाईं ओर रखा गया है, तो आकृति पूरी तरह से क्षैतिज रूप से (Horizontally) पलट जाएगी। उदाहरण के लिए, यदि आप ‘B’ अक्षर को दर्पण में देखेंगे, तो उसका मुड़ा हुआ हिस्सा जो दाईं ओर था, वह अब बाईं ओर दिखाई देगा। अंग्रेजी वर्णमाला के कुछ अक्षर ऐसे होते हैं जो दर्पण में बिल्कुल नहीं बदलते क्योंकि वे लंबवत रूप से समान (Vertically Symmetrical) होते हैं। ये अक्षर हैं: A, H, I, M, O, T, U, V, W, X और Y।
जल प्रतिबिंब (Water Image) के नियम और सिद्धांत
जल प्रतिबिंब को हम एक ऐसा दर्पण मान सकते हैं जो जमीन पर लेटा हुआ है। इसे ‘क्षैतिज दर्पण’ भी कहा जाता है। जल प्रतिबिंब का नियम दर्पण से बिल्कुल उल्टा होता है। इसमें वस्तु का दायाँ और बायाँ हिस्सा कभी नहीं बदलता, लेकिन वस्तु का ऊपरी हिस्सा नीचे और निचला हिस्सा ऊपर हो जाता है।
कल्पना कीजिए कि आप पानी के किनारे खड़े हैं। पानी में आपके पैर सबसे ऊपर (सतह के पास) दिखेंगे और आपका सिर सबसे गहराई में (नीचे की ओर) दिखेगा। अंग्रेजी के अक्षर ‘A’ का कोना जो ऊपर की तरफ होता है, जल में वह नीचे की ओर इशारा करेगा। कुछ अक्षर जो जल में देखने पर बिल्कुल नहीं बदलते, वे हैं: C, D, E, H, I, K, O और X। इन अक्षरों का ऊपरी आधा हिस्सा और निचला आधा हिस्सा एक जैसा होता है।
अंकों और घड़ी के समय का प्रतिबिंब
संख्याओं का प्रतिबिंब पहचानना भी उतना ही सरल है। संख्या ‘2’ का मुख यदि दाईं ओर है, तो दर्पण में वह बाईं ओर मुड़ा हुआ दिखेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं में घड़ी के समय पर आधारित प्रतिबिंब के सवाल बहुत पूछे जाते हैं।
दर्पण के लिए मास्टर ट्रिक: यदि घड़ी का असली समय दिया है और दर्पण का समय निकालना है, तो उसे 11:60 में से घटा दें। जैसे 3:40 का दर्पण समय (11:60 – 3:40) यानी 8:20 होगा।
जल के लिए मास्टर ट्रिक: जल प्रतिबिंब के समय के लिए असली समय को 18:30 में से घटाया जाता है। यदि मिनट 30 से ज्यादा हों, तो 17:90 का उपयोग किया जाता है।
प्रश्नों को हल करने की सही तकनीक
परीक्षा में जब आपके सामने चार विकल्प हों, तो सही उत्तर खोजने के बजाय गलत विकल्पों को बाहर (Eliminate) करने की कोशिश करें। दर्पण प्रतिबिंब के सवाल में यदि किसी विकल्प में आकृति ऊपर-नीचे पलटी हुई दिखे, तो उसे तुरंत काट दें क्योंकि दर्पण में ऊपर-नीचे का हिस्सा नहीं बदलता। इसी प्रकार, जल प्रतिबिंब के सवाल में यदि दायाँ-बायाँ बदला हुआ दिखे, तो वह विकल्प भी गलत होगा। हमेशा ‘निकटता के नियम’ का पालन करें—जो हिस्सा असली आकृति में दर्पण के सबसे पास है, वह प्रतिबिंब में भी दर्पण के सबसे पास ही रहेगा।
अभ्यास के लिए 15 महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर
प्रश्न 1: ‘K’ अक्षर का दर्पण प्रतिबिंब कैसा दिखेगा यदि दर्पण दाईं ओर हो?
(A) K जैसा (B) उल्टा K (मुख बाईं ओर) (C) ऊपर-नीचे पलटा हुआ (D) कोई नहीं
उत्तर: (B) उल्टा K
व्याख्या: दर्पण दाईं ओर होने से K का दायाँ हिस्सा बाईं ओर मुड़ जाएगा।
प्रश्न 2: ‘W’ अक्षर का जल प्रतिबिंब कैसा होगा?
(A) M जैसा (B) W जैसा (C) N जैसा (D) V जैसा
उत्तर: (A) M जैसा
व्याख्या: जल प्रतिबिंब में ऊपर का हिस्सा नीचे हो जाता है, इसलिए W पलटकर M जैसा दिखेगा।
प्रश्न 3: यदि घड़ी में 8:20 हो रहे हैं, तो दर्पण में क्या समय दिखेगा?
(A) 4:40 (B) 3:40 (C) 2:40 (D) 5:40
उत्तर: (B) 3:40
व्याख्या: 11:60 – 8:20 = 3:40।
प्रश्न 4: शब्द ‘OX’ का जल प्रतिबिंब क्या होगा?
(A) OX (B) XO (C) उल्टा OX (D) कोई नहीं
उत्तर: (A) OX
व्याख्या: O और X दोनों का जल प्रतिबिंब नहीं बदलता, इसलिए शब्द वैसा ही रहेगा।
प्रश्न 5: संख्या ‘7’ का दर्पण प्रतिबिंब कैसा दिखेगा?
(A) सीधा 7 (B) उलटा 7 (मुख बाईं ओर) (C) ऊपर-नीचे पलटा हुआ (D) कोई नहीं
उत्तर: (B) उलटा 7
व्याख्या: 7 की ऊपर वाली लकीर जो दाईं ओर जाती है, दर्पण में वह बाईं ओर जाती दिखेगी।
प्रश्न 6: ‘9:30’ बजे का जल प्रतिबिंब क्या होगा?
(A) 9:00 (B) 8:00 (C) 3:00 (D) 6:00
उत्तर: (A) 9:00
व्याख्या: 18:30 – 9:30 = 9:00।
प्रश्न 7: इनमें से कौन सा अक्षर जल प्रतिबिंब में बिल्कुल नहीं बदलता?
(A) E (B) F (C) G (D) J
उत्तर: (A) E
व्याख्या: E का ऊपरी और निचला भाग समान होता है, इसलिए यह जल में नहीं बदलता।
प्रश्न 8: शब्द ‘BEE’ का जल प्रतिबिंब कैसा दिखेगा?
(A) BEE (B) उल्टा BEE (C) EEB (D) कोई नहीं
उत्तर: (A) BEE
व्याख्या: B और E का जल प्रतिबिंब समान रहता है।
प्रश्न 9: ‘MIRROR’ शब्द का दर्पण प्रतिबिंब शुरू होगा:
(A) R से (B) M से (C) I से (D) O से
उत्तर: (A) R से
व्याख्या: दर्पण प्रतिबिंब में अंतिम अक्षर सबसे पहले दिखाई देता है।
प्रश्न 10: संख्या ‘3’ का जल प्रतिबिंब कैसा दिखेगा?
(A) 3 (B) उल्टा 3 (C) 8 जैसा (D) कोई नहीं
उत्तर: (A) 3
व्याख्या: 3 का ऊपरी और निचला हिस्सा एक जैसा होता है, इसलिए इसमें कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखता।
प्रश्न 11: यदि घड़ी में 6:00 बज रहे हैं, तो दर्पण प्रतिबिंब क्या होगा?
(A) 6:00 (B) 12:00 (C) 3:00 (D) 9:00
उत्तर: (A) 6:00
व्याख्या: 11:60 – 6:00 = 5:60, जिसका मतलब 6:00 ही होता है।
प्रश्न 12: इनमें से किस अक्षर का दर्पण और जल प्रतिबिंब दोनों समान रहते हैं?
(A) H (B) A (C) M (D) V
उत्तर: (A) H
व्याख्या: H को चाहे दर्पण में देखें या जल में, इसकी आकृति में कोई परिवर्तन नहीं होता।
प्रश्न 13: जल प्रतिबिंब में ‘बायाँ’ हिस्सा क्या बन जाता है?
(A) दायाँ (B) बायाँ (C) ऊपर (D) नीचे
उत्तर: (B) बायाँ
व्याख्या: जल प्रतिबिंब केवल ऊपर-नीचे बदलता है, दायाँ-बायाँ वही रहता है।
प्रश्न 14: ‘UP’ का जल प्रतिबिंब क्या होगा?
(A) dU (B) nP (C) उल्टा U और उल्टा P (D) कोई नहीं
उत्तर: (C)
व्याख्या: U पलटकर उल्टा हो जाएगा और P का मुख भी नीचे की ओर हो जाएगा।
प्रश्न 15: दर्पण प्रतिबिंब में यदि वस्तु ‘उत्तर’ दिशा में देख रही है, तो प्रतिबिंब किस दिशा में देखेगा?
(A) दक्षिण (B) पूर्व (C) पश्चिम (D) उत्तर
उत्तर: (D) उत्तर
व्याख्या: दर्पण में केवल दायाँ-बायाँ बदलता है, उत्तर दिशा उत्तर ही रहेगी।
दर्पण और जल प्रतिबिंब के इन 15 सवालों का नियमित अभ्यास करने से आपको आकृतियों के परिवर्तन का सटीक अंदाजा हो जाएगा। परीक्षा में हमेशा रफ पेपर पर आकृति को हल्के हाथ से बनाकर और उसे पलटकर देखना भी एक अच्छी तकनीक साबित हो सकती है।